top of page

संस्कार खर्चे मांगने लगे हैं आजकल.,

गजब के हादसे होने लगे हैं आजकल.,

संस्कार खर्चे मांगने लगे हैं आजकल.,


जरा सोचना उस बाप के कंधे के बारे में

जो दुनिया घूमते थे, झुक गए हैं आजकल.,


खर्चा किया नहीं की उम्मीदों को पालना था

उन उम्मीदों की उम्मीदें हो गई हैं आजकल.,


बूढ़ी आंख आज भी रोती नहीं है सब देख कर

आंसुओं के भी अपने खर्चे हो गए हैं आजकल.,


इंतजार में हैं की आंख लग जाए सो जाएं बस

सुना है सपनों के भी मोल लगते हैं आजकल.,


तेरी उम्मीद मेरी उम्मीद की तरह ना उम्मीद न हो

वो कांपते हाथ ऐसी दुआ करते हैं आजकल.,


कभी तो बड़े होंगे पौधे वो भी जो अब लगाए हैं

उनकी तासीर के बारे में वो कहां सोचते हैं आजकल.,


मलंग बड़ी ही बेगैरत हो गई है ये खुदगर्ज दुनिया

परिवार में मां बाप को कहां गिनते हैं आजकल.!!


- शायर मलंग


Recent Posts

See All

कोई है जो दुआ कर दे

कोई है जो मेरे लिए दुआ कर दे., कोई है जो सब किए का सफ़ा कर दे, कोई है .....

3件のコメント


ashmita singh
ashmita singh
2021年4月12日

वाह

いいね!

satendra singh
satendra singh
2021年4月12日

Fact hai bhai

いいね!
Dinesh Kumar
Dinesh Kumar
2021年4月12日
返信先

जी भाई

いいね!
bottom of page